IPL गवर्निग काउंसिल का फैसला, अपने 5 खिलाड़ी बरकरार रख सकती है हर टीम

नई दिल्ली| इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की हर फ्रेंचाइजी 2018 संस्करण के लिए अपनी टीम में पांच खिलाड़ियों को बरकरार रख सकती है। आईपीएल गवर्निग काउंसिल की बुधवार को बीसीसीआई प्रशासकों की समिति (सीओए) के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। 

इसके साथ ही इस बैठक में लिए गए एक अन्य फैसले के तहत लीग में वापसी करने वाली टीमें चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स राइट टु मैच (आरटीएम) क्लॉज के इस्तेमाल से 2015 संस्करण में खेलने वाले खिलाड़ियों में से पांच को अपनी टीम में बरकरार रख सकती हैं।

इन दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने इस साल आईपीएल के संस्करण में पुणे सुपरजाएंट और गुजरात लायंस की टीमों का प्रतिनिधित्व किया था।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा कि आईपीएल की टीमें प्लेयर रिटेंशन (नीलामी से पहले) और राइट टु मैच (नीलामी के दौरान) के अधिकारों का संयुक्त रूप से इस्तेमाल कर अपने पांच खिलाड़ियों को अगले संस्करण के लिए बरकरार रख सकती हैं।

इन दोनो वर्गो में तीन से ज्यादा खिलाड़ियों को बरकरार नहीं रखा जा सकेगा। इसका मतलब यह है कि अगर कोई फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को सीधे तौर पर बरकरार नहीं रखना चाहती है, तो उसको भी नीलामी के दौरान राइट टू मैच के तहत तीन ही खिलाड़ियों को बरकरार रखने की छूट होगी।

आईपीएल फ्रेंचाइजी सर्वाधिक तीन भारतीय खिलाड़ियों और दो विदेशी खिलाड़ियों को अपनी टीम में बरकरार रख सकती है। इसके अलावा, फ्रेंचाइजी दो नए भारतीय खिलाड़ी भी टीम में बरकरार रख सकती है। 

2018 संस्करण के लिए हर टीम के पास 80 करोड़ रुपये की धनराशि (सैलरी कैप) होगी। अगले दो संस्करणों में इस धनराशि में दो और तीन करोड़ रुपये का इजाफा होगा। 

Khaskhabar

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